आँखों की देखभाल कैसे करे। उसके घरेलू उपाय आंखों की सेहत का रखें ध्यान, आंखों को आराम दें. कराएं व्यायाम

हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है हमारी आँखें, लेकिन अगर हमारी आँखें एक पल के लिए भी हमसे अलग हो जाये तो हमारी ज़िन्दगी में अन्धेरा छा जायेगा। लगातर मोबाइल, टीवी और लैपटॉप में लगे रहने से हमारी आँखे अधिक कमजोर होने लगती है । आप नीचे दिए हुए कुछ टिप्स को अपनाकर अपनी आँखों कि देखभाल कर सकते है: 

आंखों को आराम दें

घर में ही रहने से सब हर समय किसी ना किसी स्क्रीन के सामन डटे रहते हैं, जैसे टीवी देख रहे हैं, कम्प्यूटर पर काम कर रहे हैं, या मोबाइल पर आंखें गड़ाए हैं। आंखों को बीच-बीच में थोड़ा आराम दें। लगातार स्क्रीन पर नज़र रहेगी, तो आंखें प्रभावित होंगी। 20 मिनट के स्क्रीन टाइम के बाद 5 मिनट आंखों को बंद करके आराम दें। आंखों को ठंडक देने के लिए खीरे का टुकड़ा या टिश्यूू पेपर को गुलाब जल से गीला करके आंखों पर रखें। इससे ये हाइड्रेटेड रहेंगी, थकान उतरेगी और ताज़गी महसूस होगी।

आंखों की फिटनेस

शरीर की तरह आंखों को भी व्यायाम कराएं। आंखों को चारों तरफ़ गोल-गोल घुमाएं। ऊपर और नीचे घुमाएं। कम से कम तीन से चार सेकंड तक अपनी पलकों को लगातार झपकाएं और फिर आंखें तेज़ी से बंद कर लें। कुछ सेकंड बाद आंखें खोलें। इसके अलावा नज़रें तेज़ करने वाली पहेलियां जैसे दो तस्वीरों में अंतर ढूंढना या अलग वस्तु पहचानें आदि भी आंखों के लिए व्यायाम का काम करेंगी।

तरीक़े बदलिए

रोशनी बंद करके और लेटकर टीवी देखने से आंखों पर तनाव बढ़ता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हमेशा बैठकर, समुचित दूर से और थोड़ी रोशनी में टीवी देखना चाहिए। टीवी न दाईं ओर और न बाईं ओर बैठकर देखें, हमेशा सामने ही बैठकर देखें। इसके लिए कमरे की व्यवस्था भी उसी प्रकार करें। किताब या मोबाइल देखते वक़्त आंखों को छोटी करके और ज़ोर देकर न देखें, न पढ़ें। आइड्रॉप ज़रूर डालें, लेकिन चिकित्सक के निर्देशानुसार।

रोशनी का ध्यान रखें

केवल स्क्रीन पर काम करते वक़्त ही नहीं बल्कि आंखों का कोई भी काम करते वक़्त रोशनी की अच्छी उपलब्धता ज़रूर रखें, चाहे पढ़ाई कर रहे हों, या मोबाइल का इस्तेमाल या सिलाई-कढ़ाई। भरपूर रोशनी नहीं होगी तो आंखों पर ज़ोर पड़ेगा। अपनी वर्क डेस्क खिड़की के पास बनाएं। यह भी ध्यान रखें कि बाहर की रोशनी सीधे कम्प्यूटर या लेपटॉप पर न पड़े क्योंकि इससे स्क्रीन साफ़ नज़र नहीं आएगी और आंखों पर ज़ोर देकर देखना पड़ेगा। बैठक ऐसे व्यवस्थित करें कि रोशनी हो लेकिन स्क्रीन पर निगाह टिकाते समय आपको आंखों पर अतिरिक्त ज़ोर न देना पड़े।

आंखों की देखभाल के कुछ और टिप्स :

- आँखें साफ रखें। दिन में दो-तीन बार आँख को साफ पानी से जरूर धोएं।

- तेज धूप में धूप के चश्मे का इस्तेमाल करें।

- हरी सब्जी, सीजन का फल एवं दूध का सेवन करना चाहिए।

- पढ़ते समय कमरे में प्रकाश उचित मात्रा में हो एवं बैठकर पढ़ना चाहिए।

- साल में एक बार नेत्र रोग विशेषज्ञ से आँखों की जांच करानी चाहिए।

- चालीस की उम्र होने पर आँख के दबाव की जांच अवश्य करानी चाहिए।

- मधुमेह के रोगियों को अपनी आँख की जांच करानी चाहिए, क्योंकि मधुमेह आँख के पर्दे को खराब कर देती है।

- पचास की उम्र पार करने पर व्यक्ति को मोतिया बिन्द के लिए अपनी आँखों की जाँच नेत्र रोग विशेषज्ञ से करवानी चाहिए।

- आँख की बीमारी होने पर स्वयं चिकित्सा न करें।

- आँख में काजल, सुरमे का इस्तेमाल न करें।

- आंख में कचरा, धूल का कण आदि डलने पर आँख को मलना नहीं चाहिए।

- स्वीमिंग पूल में जाने पर बिना स्वीमिंग गॉगल के स्वीमिंग न करें वरना आँख में संक्रमण का खतरा रहता है।

- किसी दूसरे व्यक्ति का रूमाल एवं तोलिया इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

- स्टीरायडयुक्त दवा का इस्तेमाल बिना नेत्र रोग विशेषज्ञ की सलाह के नहीं करना चाहिए।

- लेटकर नहीं पढ़ना चाहिए।

- एयरकन्डीशनर के एकदम सामने न बैठें।

- कम्प्यूटर पर कार्य करते समय कम्प्यूटर एवं आँखों के बीच एक उचित दूरी अवश्य रखें।

- काम करते समय रोशनी का समुचित प्रबंध रखें, पर रोशनी चौंधियाने वाली नहीं हो। काम करते समय बीच-बीच में आंखों को आराम दें, ठंडे पानी के छीटें मारें।

- बादाम रोगन से आंखों के आसापास उंगलियों को हल्का दाब देते हुए गोलाई में मालिश करें। इससे आंखों के इर्दगिर्द की त्वचा पुष्ट होती है।

- खीरे के पतले टुकड़े आंखों पर 15-20 मिनट तक रखें।

नियमित रूप से नेत्र चिकित्सक के पास जायें।

यदि आप अच्छा परिणाम पाना चाहते हैंतो इसके इस्तेमाल से पहले चिकित्सक की सलाह लेना ना भूलें।

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