सकारात्मक सोच के साथ, अपने आप को और अपनों को मन से ख़ुश और शरीर से दुुरुस्त रखना अब प्राथमिकता बन चुका है।
80 प्रतिशत पोषक तत्व + 20 प्रतिशत व्यायाम = 100 प्रतिशत अच्छी सेहत।कभी भी एक ही बार में पेटभरकर न खाएं। थोड़ा-थोड़ा, थोड़े-थोड़े समय के अंतराल पर खाएं। कोशिश करें कि आपके भोजन में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन भी मौजूद हो। गुनगुना पानी पिएं। हल्दी, जीरा, धनिया और लहसुन की मात्रा बढ़ा सकते हैं। हर्बल चाय ले सकते हैं या तुलसी, दालचीनी, काली मिर्च, सूखी अदरक तथा किशमिश का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं। शक्कर से दूरी बनाने में ही भलाई है।
स्वस्थ भोजन का राज
संतुलित और पोषक भोजन से अर्थ है कि आपको जितनी कैलोरी की आवश्यकता है उसकी 60 प्रतिशत कैलोरी कार्बाेहाइड्रेट्स से आपको मिलनी चाहिए। उसके बाद 12-20 प्रतिशत प्रोटीन से और 20-30 प्रतिशत फैट्स से। साथ ही ऐसी चीज़ों का सेवन करें जिसमें फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है। सूजी, मैदा, वाइट ब्रेड के स्थान पर साबुत अनाज लें। साबुत दालों को भी शामिल करें।
इन खाद्य पदार्थों को शामिल करें...
विटामिन बी 6- केले, हरी सब्ज़ियां और बिना छीले आलू, ओट्स आदि।
विटामिन सी- खट्टे फलों से प्राप्त।
विटामिन ई- यह बादाम, सूरजमूखी के तेल, सूरजमुखी बीज, पीनट बटर, पालक, बादाम, आम आदि में पाया जाता है।
एंटीऑक्सीडेंट्स- रंग-बिरंगे फल और सब्ज़ियां जैसे बेरीज़, गाजर, पालक आदि।
ज़िंक- बीन्स, नट्स, साबुत अनाज, दुग्ध पदार्थ आदि। गिलोय, हल्दी, आंवला आदि के पारम्परिक काढ़े या जूस पी सकते हैं।
सेहत की जांच के साथी
इस समय घर के सारे सदस्य किसी ना किसी रूप में आशंकित हैं। सबका खान-पान ठीक होते हुए भी, कभी किसी को घबराहट, तो किसी को बेचैनी होने लगती है, तब भय घेर लेता है कि कहीं किसी बुज़ुर्ग का रक्तचाप तो नहीं बढ़ रहा। ऐसे में ज़रूरी है कि चंद चिकित्सा उपकरण घर में रखे जाएं।
ऑक्सीमीटर... यह हृदय की गति और ऑक्सीजन सैचुरेशन जांचने के लिए होता है। ऑक्सीजन का स्तर 95 प्रतिशत या उससे अधिक होना चाहिए। इससे कम होने पर तुरंत चिकित्सक से सम्पर्क करने की आवश्यकता है।
डिजिटल बीपी मॉनीटर... यदि किसी को रक्तचाप के घटने-बढ़ने की समस्या है तो इससे आप घर पर ही अपने ब्लड प्रेशर की जांच कर उसे नियंत्रित कर सकते हैं या घर बैठे चिकित्सक से मार्गदर्शन ले सकते हैं।
वैपोराइज़र... इसकी आवश्यकता इस समय सबसे अधिक है। चिकित्सक भी सुझा रहे हैं कि हर व्यक्ति को दिन में कम से कम एक बार भाप ज़रूर लेनी चाहिए। जो घर से बाहर जाने को मजबूर हैं, वे सुबह-शाम भाप लें।
नेबुलाइज़र मशीन... यदि कफ़ जमने की परेशानी हो तो उसे दूर करने में यह मददगार है। यह एक विशेष चिकित्सा उपकरण है, जिसको घर से रखने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछ लें और किस स्थिति में इसका इस्तेमाल करना है, यह समझ लें।यदि आप अच्छा परिणाम पाना चाहते हैं, तो इसके इस्तेमाल से पहले चिकित्सक की सलाह लेना ना भूलें।

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