अदरक सर्दी-खांसी से बचाएगा और अजवाइन बवासीर से राहत देगी

मसाले सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाते बल्कि सेहतमंद भी रखते हैं। अदरक सर्दी-खांसी से बचाता है और हल्दी इम्युनिटी बढ़ाती है। मेथी कोलेस्ट्रॉल घटाती है और अजवाइन बवासीर से राहत देती है। 

ऐसे लगाएंमेथी के सूखे दाने जल्दी अंकुरित होते हैं। पौधा तैयार करने के लिए सूखे मेथी दाने बगीचे या गमले में डाल दें। फिर इसे मिट्टी से ढक दें। थोड़ा सा पानी डालें ताकि मिट्टी में नमीं रहे। कुछ दिनों बाद पौधे निकलते हुए दिखाई देंगे।

फायदे : जोड़ों के दर्द से लेकर कोलेस्ट्रॉल तक घटाते हैं मेथी के दाने

मेथी में एंटीऑक्सीडेंट्स है जो हार्ट के लिए फायदेमंद है और शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर रखता है।

इसके दाने भिगोकर और पाउडर के रूप में खाने से कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम होता है। जोड़ों में सूजन और गठिया से राहत मिलती है।

सर्दियों में होने वाले पेट दर्द, कफ, अफरा और गैस से बचने के लिए खाने में मेथी के दानों का इस्तेमाल करें

ऐसे लगाएंअदरक की ऐसी गांठ लें जिनमें बड निकली हुई हो। इसे गमले में या क्यारियों में हल्का सा गड्ढा खोद कर लगा दें। ध्यान रखें कि लगाते वक्त गांठ की बड ऊपर की तरफ रहे। इस पर हल्की-हल्की मिट्टी डाल दें और स्प्रे से पानी दें।

फायदे: खांसी, गले में खराश या सूजन है तो अदरक का इस्तेमाल करें

अदरक में कैल्शियम, आयरन, कॉपर, मैग्नीशियम और जिंक भरपूर मात्रा में पाया जाता है।

इसे खांसी, गले में खराश और सूजन वाली बीमारियों से लड़ने में असरदार माना जाता है।

आयुर्वेद में, अदरक को "महाऔषधि" कहा जाता है, जिसका अर्थ है 'महान औषधि' है।

अदरक में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण है। काढ़ा, चाय और चटनी में इसे इस्तेमाल कर सकते हैं।

 ऐसे लगाएंअजवाइन के पौधों को तने से काट लें। इस तने को मिट्टी या गमले में आसानी से लगाया जा सकता है।

फायदे: बवासीर, पेट दर्द और मुंह की बदबू दूर करती है अजवाइन

पेट दर्द, बवासीर और भूख लगने से परेशान हैं तो मसाले के रूप में इसकी पत्तियां इस्तेमाल करें।

इसकी पत्तियां काटकर बेसन के पकौड़े, क़ढी, दाल, मठरी, पूड़ी, अरबी-आलू की सब्जी और चटनी में डाल सकते हैं।

मुंह से दुर्गंध आने से परेशान हैं तो इसकी 2 पत्तियों को धोकर चबाएं। दुर्गंध दूर हो जाएगी।

इसकी पत्तियां मांसपेशियों में अकड़न और पेट में गैस की समस्या से राहत देती है।

 ऐसे लगाएं: हल्दी जड़ (राइजोम) के रूप में उगता है। इसकी जड़ लाकर कंटेनर या मिट्टी में 6 इंच नीचे दबा दें। अब इस पर पानी डालें। ध्यान रखें कि ज्यादा पानी देने पर यह सड़ सकता है। गमला ऐसा होना चाहिए जिससे अतिरिक्त पानी निकल सके।

फायदे: हल्दी कैंसर से बचाती है और अनिद्रा की समस्या दूर करती है

सर्दी के मौसम में हल्दी की सब्जी को बनाकर खा सकते हैं। यह सूजन दूर करती है और इम्युनिटी को बढ़ाती है।

हल्दी को दूध में, हर्बल चाय में और सूप में मिलाकर ले सकते हैं। यह संक्रमण से बचाती है।

रिसर्च में भी साबित हो चुका है कि हल्दी में पाया जाने वाला तत्व करक्युमिन कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है।

हल्दी में मेलाटोनिन हार्मोन बढ़ाने का गुण पाया जाता है, यह हार्मोन नींद आने के लिए जरूरी होता है।

 ऐसे लगाएंइसका पौधा तैयार करने के लिए सौंफ के दानों को हाथ से रगड़कर क्यारी या गमलों में डाल सकते है। ऊपर से मिट्टी डालकर थोड़ा पानी डाल दें। इसके लहलहाते पौधों में हरी-हरी सौंफ के गुच्छे बारीक-बारीक लंबी पत्तियां बहुत खूबसूरत लगती हैं।

फायदे: मेमोरी तेज करने के साथ पेट दर्द से राहत देती है सौंफ

सौंफ में कई तरह के विटामिंस, कैल्शियम और फाइबर पाया जाता है। यह एंटीऑक्सिडेंट, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल है।

यह मेमोरी तेज करता है और आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद करता है।

सौंफ पेट साफ रखने और मुंह से आने वाली दुर्गंध को भी दूर करती है।

लिवर के दर्द, मुंह के छाले और पेट दर्द के इलाज में भी सौंफ का प्रयोग किया जाता है।

 ऐसे लगाएंसूखी खड़ी धनिया के दानों को हाथ से मसलकर और गमलें में डाल दें। इसके ऊपर मिट्टी की एक लेयर बना दें और थोड़ा सा पानी डाल दें। 8-10 दिन में पत्तियां आने लगेंगी।

फायदे: पेट दर्द से राहत देती है और पाचन शक्ति बढ़ाती है धनिया

धनिया में एंटी-ऑक्सीडेंट, प्रोटीन, कैल्शियम, सोडियम, पोटैशियम और विटामिन , बी1, बी2 और सी होते हैं।

धनिया ब्लड शुगर कंट्रोल करने के साथ पेट दर्द से राहत देती है और पाचन शक्ति को बढ़ाती है।

सूखे धनिए मसाले का प्रयोग अचार, चाट समेत कई चीजों में किया जाता है।

 इनको भी आजमाइएराई, कला तिल, लौंग तुलसी, लहसुन, प्याज, जीरा जैसे मसालों का उपयोग खाने में स्वाद बढ़ाने में किया जाता है। इन मसालों का प्रयोग स्वाद के साथ दवा, इत्र, नुस्खे और कई ब्यूटी प्रोडक्ट में किया जाता है।

यदि आप अच्छा परिणाम पाना चाहते हैं, तो इसके इस्तेमाल से पहले चिकित्सक की सलाह लेना ना भूलें

 

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