एनीमिया के खतरे को कम करने में सहायक करी पत्ते में आयरन और फॉलिक एसिड की पर्याप्त मात्रा होती है। शुगर के मरीजों के लिए फायदेमंद ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए भी करी पत्ते के सेवन की सलाह दी जाती है। मोटापे को नियंत्रित रखने में मददगार कॉलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मददगार त्वचा से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद
करी पत्तों का रस शरीर में कॉलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड का स्तर घटाकर दिल की बीमारियों का खतरा कम करता है। यह ब्रेस्ट और फेफड़े कैंसर से भी बचाता है। रिसर्च में यह बात साबित हो चुकी है। खानपान में इस्तेमाल होने वाला करी पत्ता कई तरह की बीमारियों से बचाता है। सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिनल एंड एरोमैटिक प्लांट्स, हैदराबाद के एक्सपर्ट आशीष कुमार बता रहे हैं, करी पत्ता कैसे फायदा पहुंचाता है....इन पत्तियों का इस्तेमाल खासतौर
पर खाने का स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए किया जाता है। प्राचीनकाल से इसे कढ़ी में छौंक
लगाने में इस्तेमाल किया गया है, शायद इसीलिए इसे करी पत्ता या कढ़ी लीफ कहा गया है।
वैज्ञानिक भाषा में इसे मुराया
कोएनिजी के नाम से जाना जाता है। करी पत्ते का पौधा आमतौर पर भारत और श्रीलंका में
पाया जाता है। भारत में यह अधिकतर दक्षिण के राज्यों के अलावा सिक्किम, असम और पश्चिम
बंगाल में पाया जाता है।
उत्तर भारत में जितना महत्व तुलसी
का होता है, दक्षिण में उतना ही करी पत्ते का होता है। इसके पौधे की ऊंचाई 2 से 4 मीटर
की होती है। इसे बीज की मदद से घर के बगीचे में लगा सकते हैं।
करी पत्ते से 3 बड़े फायदे
यह आयरन और कैल्शियम की कमी पूरी
करता है: इसके पत्ते कई जरूरी पोषक तत्वों की कमी पूरी करते हैं। इनमें आयरन, कैल्शियम,
फास्फोरस, प्रोटीन, विटामिन-बी2, बी6 और बी12 जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं।
दिल के मरीजों के लिए फायदेमंद:
ऐसे मरीज जो हृदय रोगों से जूझ रहे हैं उन्हें खानपान में इसकी पत्तियों का इस्तेमाल
करना चाहिए। करी पत्ते कॉलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड को घटाकर हार्ट अटैक का खतरा
घटाते हैं।
पेचिस और उल्टी में असरदार: पेट
की दिक्कतें, उल्टी और बवासीर जैसी बीमारियों के इलाज में करी पत्तों का इस्तेमाल किया
जाता है। ये एंटी-माइक्रोबियल और एंट्री-इंफ्लेमेट्री होते हैं जो कई तरह के जीवाणुओं
से बचाते हैं।
ऐसे इस्तेमाल करें करी पत्ता
करी पत्तों को टमाटर की चटनी, ब्रेड पकौडे, मठरी, फ्लेवर बेसन सेंव, अरहर की दाल और सांभर में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा ढोकला, कढ़ी-चावल, उपमा, मसाला दलिया में भी डाल सकते हैं। चाहें तो करी पत्ते के परांठे भी बनाए जा सकते हैं। खास बात है कि करी पत्तों को सूखने के बाद भी इनके औषधीय गुण खत्म नहीं होते।
यदि आप अच्छा परिणाम पाना चाहते हैं, तो इसके इस्तेमाल से पहले चिकित्सक की सलाह लेना ना भूलें

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