गुनेगुने पानी में शहद-नींबू का रस मिलाकर पिएं; खाना निगलने पर गले में दर्द हो तो

एक्सपर्ट के मुताबिक, इसके मामले सर्दियों में अधिक सामने आते हैं, इसे फेरेन्जाइटिस कहते हैं



बैक्टीरिया और वायरस दोनों तरह का संक्रमण होने पर गले में दर्द और सूजन होती है

क्या आपको खाना निगलने पर गले में दर्द होता है। गले में सूजन और खराश महसूस होती है। यह सर्दियों में होने वाली आम समस्या है, जिसे फेरेन्जाइटिस कहते हैं। इसकी वजह वायरस का इंफेक्शन होता है लेकिन कुछ मामलों में बैक्टीरिया के कारण भी ऐसा होता है।

ऐसे लोग जिन्हें जुकाम या एलर्जी जल्दी होती है, उनमें इसके मामले ज्यादा सामने आते हैं। आम भाषा में इसे गले का संक्रमण कहते हैं। 

 गले के संक्रमण से कैसे निपटें...

कब और क्यों होता है गले में दर्द

फेरेन्जाइटिस के 50 से 80 फीसदी मामलों की वजह गले में वायरस का संक्रमण होता है। खासतौर पर राइनोवायरस, इन्फ्लुएंजा, एडीनोवायरस, कोरोनावायरस और पैराइन्फ्लूएंजा वायरस संक्रमण फैलाते हैं।

गले का संक्रमण तब और गंभीर हो जाता है जब वायरस का संक्रमण होने के बाद बैक्टीरिया का भी संक्रमण हो जाता है। गले में संक्रमण फैलाने वाला कॉमन बैक्टीरिया है, स्ट्रेप्टोकोकी। 5 से 36 फीसदी मामले इसी बैक्टीरिया के कारण सामने आते हैं।

एक्सपर्ट के मुताबिक, एलर्जी, अस्थमा, कैंसर और ट्रॉमा के मामलों में भी गले में संक्रमण फैल सकता है। इसके मामले सर्दियों की शुरुआत और वसंत के समय अधिक सामने आते हैं। यह वो समय होता जब लोगों के घरों में वेंटिलेशन सबसे कम होता है, ऐसे माहौल में वायरस आसानी से फैलता है।

सर्दी-खांसी होने पर इसका वायरस ड्रॉप्लेट्स के जरिए फैलता है। संक्रमित इंसान जब बिना हाथ धोए चीजों को छूता है तो संक्रमण दूसरे इंसान तक पहुंच सकता है।

कौन सा लक्षण दिखने पर अलर्ट जाएं

वायरल फेरेंजाइटिस : जब संक्रमण वायरस के जरिए होता है तो गले का लाल होना, नाक बहना, सूखी खांसी, गले की आवाज भारी होना, आंखें लाल होना, गले में दर्द होना जैसे लक्षण दिखते हैं। बच्चों में डायरिया के मामले भी सामने सकते हैं।

बैक्टीरियल फेरेंजाइटिस : जब बैक्टीरिया संक्रमण फैलाता है तो खाना निगलने पर गले में दर्द होने का लक्षण दिखता है। इसके अलावा बुखार, शरीर में दर्द, सिरदर्द, टॉन्सिल का बढ़ना जैसे लक्षण दिखते हैं। बच्चों में पेट में दर्द, उल्टी के लक्षण दिख सकते हैं।

गले के दर्द से निपटने के तरीके भी जान लीजिए

अगर संक्रमण बैक्टीरिया से होता है तो एंटीबायोटिक्स काम नहीं आती। ऐसे में मरीज को आराम करने की सलाह दी जाती है और गले के दर्द को कम करने के लिए पैरासिटामॉल प्रिस्काइब करते हैं।

ऐसा होने पर पानी पीना छोड़ें। नमक के पानी से कुल्ला करें।

हल्के गुनगुने पानी में शहद और नींबू का रस मिलाकर पिएं। या काढ़ा भी ले सकते हैं।

इसके अलावा गर्म पानी की भांप भी असर दिखाती है।

जब लक्षण बैक्टीरिया के संक्रमण से जुड़े दिखें तो ये नुस्खे अपनाएं

ऐसी स्थिति में एंटीबायोटिक्स दी जाती हैं इसलिए डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

हल्का गुनगुना पानी लें। पानी की कमी होने दें। सूप, हर्बल टी या काढ़ा पी सकते हैं।

बलगम बन रहा है तो दिन में 3 बार भांप लें।

घर के कमरे में चलते-फिरते रहें, ऐसा करने पर फेफड़े बेहतर काम करते हैं और बलगम निकलने में आसानी होती है।

अगर बुखार आता है, सांस लेने पर तेज आवाज आती है या सांस लेने में तकलीफ होती है तो तत्काल डॉक्टरी सलाह लें।

यदि आप अच्छा परिणाम पाना चाहते हैं, तो इसके इस्तेमाल से पहले चिकित्सक की सलाह लेना ना भूलें।

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