पत्तेदार सब्ज़ियां अदरक, हल्दी सर्दियों में बढ़ाती हैं रोगों से लड़ने की क्षमता

अदरक में एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण सर्दियों में अदरक सेहत के लिए अच्छी मानी गई है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जो रोगों से लड़ने में सहायता करती है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मांसपेशियों के दर्द को दूर करते हैं। इसे कई तरह से आहार में शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा एक चम्मच कूटी हुई अदरक को एक कप हल्के गर्म पानी में डालें। इसे ढककर तीन मिनट तक उबालें। फिर छानकर पिएं। इसे रोज़ाना पी सकते हैं।

सुबह खाली पेट या भोजन में लहसुन खाएं। लहसुन की तीन-चार कलियां कूटकर पेस्ट बनाएं। इसमें शहद मिलाकर सुबह या शाम सेवन करें। इसे चटनी या तड़के के रूप में भी रोजाना खा सकते हैं।

एक गिलास गर्म दूध में कम से कम आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर और शक्कर मिलाकर रात को सोने से एक घंटा पहले पिएं। इससे रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और सर्दी से राहत मिलेगी। ताज़ी कच्ची हल्दी भी इस्तेमाल कर सकते हैं। एक छोटा चम्मच ताज़ी पिसी हुई हल्दी और शहद मिलाकर पेस्ट बनाएं। हफ्ते में दो बार इसे खाएं।

मैथी, पालक, बधुआ, साग, हरी मिर्च आदि हरी पत्तेदार सब्ज़ियों का अधिक से अधिक सेवन करें।गाजर, सहजन, चुकंदर, मशरूम खाएं मशरूम का आम सब्ज़ियों की तरह या उनके साथ सेवन कर सकते हैं। इसमें ऐसे गुण पाए जाते हैं जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। लेकिन इसे अच्छी तरह से धोकर और उबालकर ही खाएं

विटामिन-सी शरीर को रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है। ऐसे फल खाएं जिनमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन-सी हो जैसे मौसम्बी, संतरा, नींबू, आंवला, कीवी, शिमला मिर्च आदि। इसके अलावा सीताफल में अधिक मात्रा में विटामिन- , विटामिन-सी, आयरन, पोटैशियम, मैग्नेशियम और कॉपर जैसे पोषक तत्व होते हैं। रोज़ाना इसका सेवन करें।

ठंड में मुनक्का और शहद का सेवन करने की सलाह दी जाती है। पीनी में भीगा हुआ एक मुनक्के को एक छोटे चम्मच शहद के साथ सुबह और शाम सेवन करें। इसके अलावा सूखे मेवे भी रोज़ाना खा सकते हैं। 


संक्रमण से प्रभावित त्वचा पर नीलगिरी तेल की 4-5 बूंदें लगाएं। कुछ लोगों की त्वचा संवेदनशील होती है इसलिए तेल लगाने से पहले इसमें कुछ बूंदे पानी की मिलाकर लगा सकते हैं। सर्दी-ज़ुकाम होने पर गर्म पानी में तेल की कुछ बूंदें डालकर भाप ले सकते हैं। तिल और तिल से बनी गजक, लड्डू आदि भी खाएं। तिल के तेल से रोज़ाना जोड़ों और शरीर की मालिश करें।

यदि आप अच्छा परिणाम पाना चाहते हैं, तो इसके इस्तेमाल से पहले चिकित्सक की सलाह लेना ना भूलें।

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