‘खाना’ शरीर की मूलभूत जरूरत से अलग अब लोगों के मन को तृप्त करने वाली चीज बन चुका है। कुछ लोग भूख लगने पर खाते हैं, जबकि कुछ लोग सिर्फ भोजन को चखने के लिए खाते हैं। हालांकि, इन सबके बीच अगर आपसे पूछा जाए कि क्या आप पौष्टिक आहार का सेवन करते हैं, तो हो सकता है कि आप थोड़ी देर के लिए सोच में पड़ जाएं। यह एक गंभीर विषय है, इसलिए बेहतर स्वास्थ्य के लिए इस पर विचार करना जरूरी है। आइए जानते हैं स्वास्थ्य के लिए अच्छा खाना क्या है और स्वस्थ भोजन के फायदे क्या-क्या हैं।
स्वास्थ्य को ही सबसे बड़ा धन माना गया है, स्वास्थ्य ठीक रहेगा तब ही हम सुख-सुविधा का आनंद ले सकते हैं
महात्मा बुद्ध ने स्वास्थ्य को ही सबसे बड़ी संपत्ति बताया है। उन्होंने अपने प्रवचनों में कहा है कि परिवार में प्रसन्नता लाने के लिए, मन की शांति पाने के लिए, सबसे पहले स्वयं को अनुशासित करना चाहिए। मन को नियंत्रित करना चाहिए। मन नियंत्रित होने के बाद ही आत्मज्ञान का मार्ग मिल सकता है। सभी ज्ञान और गुण तभी हमारे पास आएंगे जब हमारा शरीर स्वस्थ रहेगा।
अगर शरीर ही स्वस्थ नहीं है तो किसी भी चीज का कोई मूल्य नहीं है।
90% समय हेल्दी डाइट लीजिए और 10% समय आप मनपसंद का भोजन करिए
हेल्दी डाइट लेने वालों को भी मीठा, मैदा और नमक खाने से बचने की जरूरत है
रोज आपको कितनी कैलोरी की जरूरत है उम्र, एक्टिविटी लेवल, बॉडी की बनावट, हेल्थ पर निर्भर है। आप हेल्दी हैं और रोजाना 30 मिनट एक्सरसाइज करते हैं तो पता चल सकता है कि मौजूदा वजन में बने रहने के लिए कितनी कैलोरी चाहिए। अपने कुल वजन (पाउंड में) को 15 से गुणा दे दीजिए। उदाहरण के लिए वजन 130 पाउंड है तो इसमें 15 से गुणा कर दीजिए। यानी आपको रोजाना 1950 कैलोरी चाहिए। एक पाउंड 450 ग्राम होता है।
क्या इसमें कोई खतरा है?
अगर खाने के नियम बार-बार तोड़े जाएं तो जरूर खतरा है। हार्वर्ड हार्ट लेटर के एडिटर इन चीफ डॉ. दीपक एल भट्ट कहते हैं कि एक बार में बहुत सी अनहेल्दी चीजें खाना शरीर में कई तरह के बायोकेमिकल बदलाव कर देता है। जैसे- खाने के बाद तुरंत ही ट्राईग्लिसराइड का बढ़ जाना। यह खाने के कुछ घंटों के बाद ही हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकता है। इसलिए बेहतर है कि हम स्वस्थ होने के बावजूद हेल्दी डाइट के नियम का पालन करते रहें।
नियम तोड़ना है तो ये रूल जरूरी
आप हमेशा हेल्दी डाइट लेते हैं और कोई बीमारी नहीं है तो कुछ खास मौकों पर आप नियम तोड़ सकते हैं। लेकिन इसके लिए 90/10 का रूल याद रखें। इसमें आप 90 फीसदी समय हेल्दी डाइट लीजिए और 10 फीसदी समय आप अपना पसंद का भोजन करिए। यानी अगर आप रोजाना 3 मील लेते हैं तो सप्ताह में आपकी 21 मील होगी। इस नियम के अनुसार आप सप्ताह में दो बार अपनी पसंद की चीज खा सकते हैं।
इन चीजों से बचें क्योंकि ये सिर्फ नुकसान पहुंचाती हैं
शादियों और त्योहारों के सीजन में हेल्दी डाइट लेने वाले लोगों की भी डाइट में मीठा, मैदा और नमक जैसी चीजें बढ़ जाती हैं। हार्वर्ड से जुड़े ब्रिगहैम एंड वुमन्स हॉस्पिटल में डायटेटिक्स डिपार्टमेंट की डायरेक्टर कैथी मैकमैनस कहती हैं कुछ लोग नमक, सैचुरेटेड फैट और एडेड शुगर के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं। ऐसे लोग कुछ हफ्ते भी लापरवाही करते हैं तो उनके ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल जैसी चीजों पर असर पड़ने लगता है।
कैथी कहती हैं कि जो लोग स्वस्थ हैं वो खास मौकों पर अपनी पसंद की चीजें खा सकते हैं।
यदि आप अच्छा परिणाम
पाना चाहते हैं, तो इसके इस्तेमाल से पहले चिकित्सक की सलाह लेना ना भूलें।

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