महिलाओं में ज्यादा हार्ट अटैक का खतरा

पुरुषों में हार्ट अटैक का खतरा महिलाओं की तुलना में कम उम्र में हो जाता है। महिलाओं में एस्ट्रोजन नामक हार्मोन होता है, जिसके कारण रजोनिवृत्ति तक महिलाएं हार्ट अटैक से बची रहती हैं। रजोनिवृत्ति के बाद इस हार्मोन का स्तर घटता है और महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।



सीने मे दर्द कई कारणों से हो सकता है। जरूरी नहीं है कि सीने का दर्द हार्ट अटैक का दर्द ही हो। हार्ट अटैक और एंजाइना सबसे गंभीर कारण होता है। अगर आप चालीस वर्ष से ज्यादा उम्र के हैं और आपके सीने में दर्द हो रहा हो तो इस हालत में इस दर्द को हृदय रोग ही माने।

भारत में पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं के लिए हार्ट अटैक ज्यादा खतरनाक होता है।इसीलिए महिलाओं की मौत का मुख्य कारण हृदय रोग होता है। यह जानकारी टैगोर अस्पताल एंड हार्ट केयर सैंटर जालंधर के प्रमुख डा. विजय महाजन वरिष्ठ काॢडयोलोजिस्ट डा. निपुण महाजन ने वीरवार को एक पत्रकार सम्मेलन के दौरान दी। के द्वारा दी गई है। उनका कहना है कि महिलाओं में हृदय रोग बढऩे का मुख्य कारण जागरूकता का अभाव है। यह भी देखा गया है कि महिलाएं किसी भी बीमारी को अनदेखा कर देती हैं।उन्होंने बताया कि महिलाओं में यह बीमारी शूगर, ब्लड प्रैशर या मोटापे की वजह से भी पुरुषों से ज्यादा खतरनाक होती है और उनमें से 64 प्रतिशत की मृत्यु तुरन्त हो जाती है।

 पहचाने हार्ट अटैक को-

 अगर आप दिल के रोगी हैं, हाई ब्लडप्रेशर या डायबिटीज के रोगी हैं तो आपको हर वक्त अपने पास इमरजेंसी फोन नबंर रखना चाहिए।

अगर दर्द का अहसास खाना खाते वक्त हो तो खाना धीरे-धीरे और रूक-रूक कर खाएँ। और कम खाएँ, भले ही आपको बार-बार खाना पड़े।

दर्द का अनुभव होते ही जिस काम में भी आप लगे हो, उसे तुरंत रोक दें।

गर दर्द होने पर चक्कर आए या सिर में दर्द का अनुभव करें तो समझ जाइए कि आपका ब्लडप्रेशर बहुत ज्यादा लो हो गया है। इस अवस्था से बचने के लिये तुरंत नींबू नमक पानी लेना चाहिए।

दर्द का अनुभव होते ही जिस काम में भी आप लगे हो, उसे तुरंत रोक दें

 

 

 

 

 

 

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