इस बार चैत्र नवरात्र पूरे 9 दिन की रहेगी, यानी तिथियों का क्षय इस बार नहीं होगा। साथ ही इस नवरात्र में अनेक शुभ योग भी बन रहे हैं। ज्योतिषियों के अनुसार नवरात्र में कार्यसिद्धि, अर्थसिद्धि, पद-प्रतिष्ठा के लिए देवी मंदिरों में विशेष अनुष्ठान कराए जाएंगे।
14 अप्रैल को होगा नवरात्र का समापन
नवरात्र में बनेगें अनेक शुभ योग
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, 6 अप्रैल से शुरू होने वाले चैत्र नवरात्र में पांच सर्वार्थ सिद्धि, दो रवि योग और रवि पुष्य योग का संयोग बन रहा है। श्रीमद् देवी भागवत व देवी ग्रंथों के अनुसार इस तरह के संयोग कम ही बनते हैं। इसलिए यह नवरात्र देवी साधकों के लिए खास रहेगी। नवरात्र का समापन 14 अप्रैल को होगा।
2 दिन मनाई जाएगी श्रीराम नवमी
श्रीराम नवमी स्मार्त मतानुसार 13 अप्रैल को रहेगी। इस दिन सुबह 11.48 बजे तक अष्टमी है और इसके बाद नवमी शुरू हो जाएगी। इस मत में मध्याह्न व्यापिनी नवमी को श्रीराम नवमी मानते हैं। जबकि वैष्णव मत में उदयकाल की तिथि मानी जाती है। 14 अप्रैल को सुबह 9.27 बजे तक नवमी होने से इस मत के लोग 14 अप्रैल को नवमी मनाएंगे।
किस दिन बनेगा कौन-सा शुभ योग?
7 अप्रैल- द्वितीया के साथ सर्वार्थ सिद्धि (शुभ)
8 अप्रैल- तृतीया के साथ रवि योग (कार्य सिद्धि)
9 अप्रैल- चतुर्थी के साथ सर्वार्थ सिद्धि (भूमि, भवन खरीदी)
10 अप्रैल- पंचमी के साथ सर्वार्थ सिद्धि (लक्ष्मी पंचमी)
11 अप्रैल- छठ के साथ रवि योग (संतान सुरक्षा)
12 अप्रैल- सप्तमी के साथ सर्वार्थ सिद्धि(नए संबंध चर्चा)
13 अप्रैल- अष्टमी पर कुलदेवी पूजन (स्मार्त मतानुसार नवमी)
14 अप्रैल- नवमी के साथ रवि पुष्य व सर्वार्थ सिद्धि (वैष्णव मतानुसार सुबह 9.37 तक नवमी)
14 अप्रैल को होगा नवरात्र का समापन
नवरात्र में बनेगें अनेक शुभ योग
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, 6 अप्रैल से शुरू होने वाले चैत्र नवरात्र में पांच सर्वार्थ सिद्धि, दो रवि योग और रवि पुष्य योग का संयोग बन रहा है। श्रीमद् देवी भागवत व देवी ग्रंथों के अनुसार इस तरह के संयोग कम ही बनते हैं। इसलिए यह नवरात्र देवी साधकों के लिए खास रहेगी। नवरात्र का समापन 14 अप्रैल को होगा।
2 दिन मनाई जाएगी श्रीराम नवमी
श्रीराम नवमी स्मार्त मतानुसार 13 अप्रैल को रहेगी। इस दिन सुबह 11.48 बजे तक अष्टमी है और इसके बाद नवमी शुरू हो जाएगी। इस मत में मध्याह्न व्यापिनी नवमी को श्रीराम नवमी मानते हैं। जबकि वैष्णव मत में उदयकाल की तिथि मानी जाती है। 14 अप्रैल को सुबह 9.27 बजे तक नवमी होने से इस मत के लोग 14 अप्रैल को नवमी मनाएंगे।
किस दिन बनेगा कौन-सा शुभ योग?
7 अप्रैल- द्वितीया के साथ सर्वार्थ सिद्धि (शुभ)
8 अप्रैल- तृतीया के साथ रवि योग (कार्य सिद्धि)
9 अप्रैल- चतुर्थी के साथ सर्वार्थ सिद्धि (भूमि, भवन खरीदी)
10 अप्रैल- पंचमी के साथ सर्वार्थ सिद्धि (लक्ष्मी पंचमी)
11 अप्रैल- छठ के साथ रवि योग (संतान सुरक्षा)
12 अप्रैल- सप्तमी के साथ सर्वार्थ सिद्धि(नए संबंध चर्चा)
13 अप्रैल- अष्टमी पर कुलदेवी पूजन (स्मार्त मतानुसार नवमी)
14 अप्रैल- नवमी के साथ रवि पुष्य व सर्वार्थ सिद्धि (वैष्णव मतानुसार सुबह 9.37 तक नवमी)

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